tarkeshkumarojha

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tarkeshkumarojha


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परसाई के जबलपुर में शक्तिपुंज …!!

Posted On: 21 Aug, 2016  
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Hindi Sahitya में

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विवादों की बाढ़ में इंसान…!!

Posted On: 4 Aug, 2016  
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Social Issues में

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राजनेता या पॉलिटिकल सेल्समैन…!!

Posted On: 23 Jul, 2016  
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पॉलिटिकल एक्सप्रेस में

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​खिलाड़ियों की मस्ती और सुल्तान का गुणगान…!!

Posted On: 12 Jul, 2016  
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Social Issues में

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भूखे को भूख, खाए को खाजा…!!

Posted On: 3 Jul, 2016  
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Social Issues में

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​यह समाजसेवा, वह समाजसेवा…!!

Posted On: 22 Jun, 2016  
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social issues में

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​किसका जन्म दिन , कौन मतवाला…!!

Posted On: 13 Jun, 2016  
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पॉलिटिकल एक्सप्रेस में

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फिल्म वालों से नाराज कोटेश्वर …!!

Posted On: 3 Jun, 2016  
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हास्य व्यंग में

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कन्हैया और कम्युनिस्ट…!!

Posted On: 28 May, 2016  
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पॉलिटिकल एक्सप्रेस में

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के द्वारा: tarkeshkumarojha tarkeshkumarojha

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के द्वारा: yamunapathak yamunapathak

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के द्वारा: Rajesh Kumar Srivastav Rajesh Kumar Srivastav

आदरणीय तारकेश कुमार ओझा जी ! आपने बिलकुल सही कहा है कि "एक राज्य का मुख्यमंत्री विदेश से लौटा नहीं कि दूसरे प्रदेश का मुख्यमंत्री विदेश रवाना हो गया। सब की एक ही दलील कि अपने राज्य में निवेश की संभावनाएं तलाशने के लिए साहब फलां – फलां देश के दौरे पर जा रहे हैं। दौरे सिर्फ मुख्यमंत्री ही करते हैं , एेसी बात नहीं। उनके कैबिनेट के तमाम मंत्री व अधिकारी भी विदेश दौरे की संभावनाएं तलाशते रहते हैं।" जनता के धन पर सभी ऐश कर रहे हैं ! इस पर रोक लगनी चाहिए ! शीर्षक-"बबुआ से महंगा न हो जाए झुनझुना" बहुत अच्छा लगा ! आपको इस विचारणीय लेख और 'बेस्ट ब्लॉगर आफ दी वीक' चुने जाने की बधाई देते हुए अपनी शुभकामनाओं सहित-सद्गुरुजी !

के द्वारा: sadguruji sadguruji

के द्वारा: jlsingh jlsingh

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के द्वारा: tarkeshkumarojha tarkeshkumarojha

, प्रिय हाय यह तुम बैठक खुशी है, मैं एन बेन हूँ, मैं अमेरिका के संयुक्त राज्य से, एक संयुक्त राज्य सेना अधिकारी हूँ सहायक और देखभाल कर रहा हूँ, एक अच्छा दोस्त पाने के लिए इंतजार कर रही है, मेरी निजी ईमेल बॉक्स के माध्यम से हमारी बातचीत जारी है कृपया, यहाँ मेरा ईमेल पता (annben1@hotmail.com) मैं अपने आप को बेहतर शुरू करने और मैं आपके मेल प्राप्त होते ही मेरी तस्वीर भेज देंगे. , मैं आप के साथ संपर्क में आते हैं और मैं वास्तव में कारण मेरा कर्तव्य तुम्हारा की हालत को मेल लिखने के लिए मैं हमेशा उपलब्ध नहीं हूँ, हालांकि मेरी रुचि इंगित करने के लिए इच्छा एन. Hi dear, It is my pleasure meeting you, I am Ann Ben, I am a United State Army officer, from united state of America, am supportive and caring, looking forward to get a nice friend,Please let continue our conversation through my private email box, Here is my email address ( annben1@hotmail.com ) I will introduce myself better and send you my picture as soon as i receive your mail. I come in contact with you and I really wish to indicate my interest although i'm not always available to write mail due to the condition of my duty Yours, Ann.

के द्वारा: ann0000 ann0000

के द्वारा: चित्रकुमार गुप्ता चित्रकुमार गुप्ता

के द्वारा: शालिनी कौशिक एडवोकेट शालिनी कौशिक एडवोकेट

ओझा जी, बिजली, रेलवे और मोबाइल के व्यवसाय में बहुत अंतर है क्योंकि मोबाइल में एक बार लगत लग जेन के पश्चात् चालू रखने खर्च बहुत कम हो जाता है आज कि न्यूनतम दरे इसी कारण सम्भव हैं.परन्तु बिजली के उत्पादन और उसके वितरण में भारी खर्च जारी रहता है,इसी प्रकार रेलवे में प्राथमिक लगत के बाद भी ऊर्जा का खर्च और स्टाफ का भरी खर्च उठाना होता है अतः उनको मोबाइल कि तर्ज पर कम दर से नहीं चलाया जा सकता,दूसरी बात रेलवे और बिजली क्षेत्र में अन्य नियोजकों को स्थापित करना भी असम्भव है,रेलवे कि लाइन अलग से डालना और बिजली के तार अलग अलग कम्पनियों द्वारा लगाया जाना,विशाल खर्च के साथ साथ जनता के लिए असुविधा का कारण बन जायेगा,परन्तु यदि इन विभागों में शुचिता का ध्यान रखा जाय,इन्हे भ्रष्टाचार से मुक्त कर दिया जाय तो रेल किराये और बिजली कि दरें कम अवश्य की जा सकती हैंऔर .बिजली की कमी से निजात पायी जा सकती है

के द्वारा: SATYA SHEEL AGRAWAL SATYA SHEEL AGRAWAL

के द्वारा: शालिनी कौशिक एडवोकेट शालिनी कौशिक एडवोकेट

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